हरिद्वार से अरविंद गोयल की रिपोर्ट।
हरिद्वार (उत्तराखंड)। हरिद्वार के ट्रेवल व्यवसायियों ने पर्यटकों की एडवांस धनराशि को अगले दो वर्षों तक टूर प्रोग्राम में समायोजित करने की मांग उठायी। उन्होंने यह मांग उठायी है कि राज्य सरकार उत्तराखंड के पर्यटन कारोबारियों के साथ साथ कामगारों के लिए भी आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा करें। टूर आपरेटर एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष अभिषेक अहलूवालिया ने यह बताया है कि उनका कारोबार भी प्रभावित हुआ है। बैंक कर्ज एवं कर्मचारियों को वेतन देने के लिए धन की कमी आड़े आ रही है ऐसे में वाहन का बीमा एवं तमाम खर्चों को लेकर भी आर्थिक संकट बना हुआ है। संयुक्त सचिव अंजीत कुमार ने यह कहा है कि उत्तराखण्ड पूर्ण रूप से पर्यटन पर ही टिका हुआ है इससे लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के प्रभाव से जो पर्यटन के कारोबार को हानि हुयी है उसको पुर्नस्थापित करने के लिए सरकार ने अपनी पॉलिसी स्पष्ट नहीं की है। अरविंद खनेजा ने यह कहा है कि लॉक डाउन खुलने के अभी कोई आसार नहीं हैं। यदि लॉक डाउन खुल भी गया तो पर्यटकों के आने की कम ही उम्मीद है ऐसे में दैनिक मजदूरी करने वाले वाहन चालकों, होटल कर्मचारी,वेटर एवं तमाम लोगों के वेतन देने के लिए भी धन की कमी होगी। उन्होंने वाहन चालकों के लिए प्रतिमाह दस हजार रुपये से लेकर पंद्रह हजार रुपये तक का आर्थिक पैकेज देने की मांग की।