उत्तराखंड में रक्षा उपकरण बनाने का रास्ता साफ।
देहरादून (उत्तराखंड) से गंगेश कुमार की रिपोर्ट।

उत्तराखंड। त्रिवेंद्र सरकार ने गैर सरकारी क्षेत्र में रक्षा और एयरोस्पेस उपकरणों के निर्माण की इजाजत दे दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके लिए उत्तराखंड एयरोस्पेस और रक्षा औद्योगिक नीति 2020 को मंजूरी दी गई है। इसके बाद राज्य के औद्योगिक और निजी क्षेत्र में भी रक्षा उपकरणों का निर्माण किया जा सकेगा। राज्य में अभी 7 रक्षा संस्थानों में ही रक्षा उपकरणों के निर्माण और विकास पर काम होते है।इस पर नीति को मंजूरी मिलने के बाद गैर सरकारी क्षेत्र भी किस सेक्टर में काम कर सकेगा इससे रक्षा उपकरण और तकनीकी का विकास होने के साथ ही उत्तराखंड में बड़े स्तर पर भी औद्योगिक निवेश आने की संभावना है। गैर सरकारी क्षेत्र को रक्षा उपकरण मिसाइल आदि के निर्माण की इजाजत देने की सरकार ने कई तरह के और प्रोत्साहन देने का भी निर्णय लिया है। और रक्षा उपकरणों का निर्माण करने वाली फर्मों को ना सिर्फ बिजली कर में छूट मिलेगी। बल्कि ₹100 करोड़ तक के निवेश पर हर साल 10% या अधिकतम ₹100000000 तक अनुदान भी दिया जाएगा।

1,000 करोड़ का निवेश आएगा:

 उत्तराखंड एयरोस्पेस और रक्षा औद्योगिक नीति 2020 को मंजूरी मिलने से राज्य में 1000 करोड़ का निवेश आने की संभावना है।सरकार के सूत्रों ने बताया कि इससे 3 ,500 के करीब युवाओं को रोजगार मिलेगा राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में नई और दो घड़ी चाहिए के विकास का भी रास्ता खुल सकेगा।

सिडकुल में सस्ती दरों पर जमीन का आवंटन:

 उत्तराखंड एयरोस्पेस और रक्षा औद्योगिक नीति 2020 में यह व्यवस्था भी की गई है। कि यदि कोई विकास करता रक्षा औद्योगिक के लिए सिडकुल में जमीन के आवंटन की मांग करता है तो सरकार जमीन का आवंटन सस्ती दरों पर कर सकेंगे जमीन की निर्धारित दर पर 20 से 30% की छूट दी जाएगी।