शुरू हो सकेंगे कुंभ के काम।

हरिद्वार (उत्तराखंड) से शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट।         


हरिद्वार। प्रदेश सरकार के सुझाव मानें तो प्रदेश में 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन बढ़ने के बावजूद आर्थिक गतिविधियां सीमित तरीके से शुरू हो सकती हैं। खास तौर पर राष्ट्रीय राजमार्गों और कुंभ के निर्माण कार्य समिति तरीके से प्रारंभ किए जा सकेंगे। दरअसल, प्रदेश में आने वाले दिनों में करोना संक्रमण पर अंकुश लगा रहा और नए मामले नहीं आए तो 14 अप्रैल के बाद पूरा लॉकडाउन तो रहेगा, लेकिन उद्योगों, खनन व  निर्माण गतिविधियां प्रारंभ हो सकेंगी। हालांकि यह तमाम गतिविधियां बेहद सीमित तरीके से ही हो पाएंगी। उसकी वजह राज्य के साथ ही संबंधित जिले को छोड़कर अन्य जिलों से भी उद्योगों, खनन व  निर्माण कार्यों के लिए श्रमिकों की आवाजाही को कतई अनुमति नहीं दी जाएगी। जिलों में उपलब्ध क्षमता के मुताबिक ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो सकते हैं। खनन का कार्य भी उन्हीं क्षेत्रों में किया जा सकेगा, जहां श्रमिक पहले से मौजूद होंगे। खेतों में फसल तैयार खड़ी है। ऐसे में उन्हें काटने की अनुमति भी देने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार कोरोना के कम खतरे वाले प्रदेशों में ग्रेडेड लॉक डाउन को भी मंजूरी दे सकती है। क्रेडिट लॉक डाउन में कोरोना संक्रमित क्षेत्रों के आसपास के इलाकों को पूरी तरह लॉक डाउन किया जाएगा, लेकिन अन्य क्षेत्रों में लॉक डाउन को सीमित गतिविधियों के लिए छूट दी जा सकेगी।


सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के दौरान प्रदेशों में सीमित आर्थिक गतिविधियों को लेकर रुझान दिखाया। एक 2 दिन में मुख्यमंत्री इस संबंध में स्थिति और साफ कर सकते हैं। लॉक डाउन को लेकर प्रदेश सरकार ने अपनी कार्य योजना केंद्र को प्रस्तुत कर दी है। केंद्र से छूट मिली तो राष्ट्रीय राजमार्गों का   रुका कार्य और हरिद्वार में कुंभ के कार्य दोबारा शुरू होने की संभावना बन सकती है। राज्य सरकार की कार्य योजना में समिति आर्थिक गतिविधियों वाले क्षेत्रों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन 31 मई तक अनिवार्य रूप से किया जाएगा। साथ में लोगों को मास्क पहनाना अनिवार्य होगा।