श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का लोगो जारी।



हरिद्वार (उत्तराखंड) से शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट।         


हरिद्वार। राम मंदिर निर्माण के लिए गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कोरोना संकट के बावजूद अपने दायित्वों की राह प्रशस्त कर रहा है। इसी क्रम में जहां गत गुरुवार को तीर्थ क्षेत्र ने अपना बैंक खाता सार्वजनिक किया, वहीं मंगलवार को ट्रस्ट का लोगो सामने आया। किसी अन्य संगठन संस्था के लोगों की तरह यह लोगो भी तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मूल्यों और आदर्शों का परिचायक है। लोगों के केंद्र में जहां भगवान राम का सौम्य छवि से युक्त चित्र श्रद्धालुओं को अभय  प्रदान करने वाला है, वही वलयाकार ऊपरी परिधि पर अंकित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र लोगों की पहचान मुकम्मल कराता है। लोगों में अंकित तीर्थ क्षेत्र के नाम से पूर्व और नाम के समापन पर श्रद्धावनत हनुमान जी का चित्र संयोजित है, जो यह बताता है कि तीर्थ  क्षेत्र नख से शिख तक हनुमान जी के आदर्श के अनुरूप और उन्हें ही अपना मार्गदर्शक मानते हुए अपनी भूमिका को अंजाम देगा।          ‌।         आधार पीठ के रूप में भगवान राम की महत्ता से संबंधित बाल्मीकि रामायण की यह प्रतिनिधि धर्मावली अंकित है,रामो विग्रहवान धर्म:। भगवान राम और उनकी कथा के गंभीर अध्येता एवं किसान महाविद्यालय-बभनान गोंडा के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ महाराजदीन पांडे के अनुसार, इस पंक्ति से भगवान राम के अप्रतिम वैशिष्टय का मर्म परिलक्षित है और वाल्मीकि रामायण के अरण्यकांड का यह पूरा श्लोक इस प्रकार है, रामो विग्रहवान धर्म:/साधु : सत्य  पराक्रम:/राजा सर्वस्य लोकस्य/देवानामिव वास्तव:। पांडे बताते हैं कि यह श्लोक तब का है, जब रावण राम को दोषी ठहराते हुए मारीच से सीता के अपहरण में सहायता चाहता है।