हरिद्वार से अरविंद गोयल की रिपोर्ट।
हरिद्वार (उत्तराखंड)। हरिद्वार में कोरोना संक्रमण के कारण फाइलों में सिमट गये महाकुंभ के कार्यों के बीच शनिवार को एक अच्छी खबर केंद्र सरकार की ओर से आयी। सरकार ने महाकुंभ के कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी किया है। इसके साथ ही यह उम्मीद जताई जा रही है कि देश भर के साथ साथ प्रदेश में भी लॉकडाउन के खत्म होते ही महाकुंभ के कार्य तेजी के साथ शुरू किये जायेंगे। इसके साथ यह भी मालूम हो कि सन 2021 में हरिद्वार में महाकुंभ होना है। प्रदेश सरकार एवं मेला प्रशासन जोर शोर से तैयारियों में जुटा हुआ था। करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराये जा रहे थे। अचानक ही कोरोना के प्रकोप के चलते महाकुंभ के कार्य भी प्रभावित होने लगे थे। प्रदेश सरकार ने तेईस मार्च से लॉकडाउन कर दिया है। इसके बाद महाकुंभ मेले के निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद हो गये थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि शायद महाकुंभ के बहुत से काम अब कार्य योजना से भी हटाये जा सकते हैं। महाकुंभ मेलाधिकारी श्री दीपक रावत जी ने यह बताया है कि महाकुंभ मेले के सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराये जाने हैं। इनमें मेला क्षेत्र में बनने वाले आठ पुलों के साथ साथ आस्था पथ एवं गंगा किनारे बनने वाले घाट सहित अन्य स्थायी निर्माण शामिल हैं। उन्होंने यह भी माना है कि लॉक डाउन के चलते महाकुंभ के कार्य भी प्रभावित हुए हैं। मेलाधिकारी का यह भी कहना है कि अगर लॉकडाउन समय पर खत्म हो गया तो अतिरिक्त प्रयास करके सभी कार्य पूरे कर लिये जायेंगे।