हरिद्वार (उत्तराखंड) से शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट।
हरिद्वार। देश-विदेश में फैल चुके कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। इस चुनौती का हम सभी को मिलकर मुकाबला करना है। पूरे देश की मशीन इससे निपटने के लिए दिन रात एक किए हुए है। ऐसे में शासन प्रशासन का सहयोग करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। अगर हम और आप मिलकर जागरूक और सजग रहेंगे तो कोरोना को हराने में कामयाब होंगे। अखबार में कोरोना वायरस को लेकर होने वाले शोध और उनमें जुड़ी जानकारियां प्रकाशित की जा रही हैं। इसलिए आप दिन प्रतिदिन इससे जुड़ी जानकारियों से खुद को अपडेट करते रहें। कोरोना व इससे विभिन्न तथ्यपरक जानकारियों के लिए अखबार सबसे अच्छा और प्रमाणिक माध्यम है। सोशल मीडिया में फैलाए जा रहे भ्रम से दूरी बनाकर रहें। अखबार पूरी तरह सुरक्षित है। तमाम विशेषज्ञ लगातार इसकी पुष्टि कर रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर की प्राचार्य प्रोफेसर आरती लालचंदानी का कहना है कि अखबार से कोरोना वायरस फैलने की अफवाह पूरी तरह भ्रामक है। किसी भी प्रकार के वायरस का कागज के माध्यम से फैलने का देश विदेश में आज तक कोई भी प्रमाण नहीं मिला है। जिन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, वही लोग ऐसा भ्रम फैला रहे हैं। अखबार ही क्यों, किसी भी कागज के छूने से कोरोना का संक्रमण नहीं होता। एक बात और कोरोना से बचाव के लिए हाथों की सफाई की महत्ता अधिक है।