हरिद्वार (उत्तराखंड) से शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट ।
हरिद्वार । प्रदेश के झीलों व नदियों में तेजी से तैरती नाव और सी प्लेन को देखने के लिए जनता की निगाहें तरस गई हैं। सरकार द्वारा जोर शोर से की गई कवायद के बावजूद यह योजना परवान नहीं चढ़ पाई है। इसके लिए जो नीति बनाई जानी थी वह धरातल पर ही नहीं उतर पाई है। दरअसल, प्रदेश सरकार का फोकस मुख्यतः पर्यटन क्षेत्र रहता आया है। टिहरी झील को पर्यटन के एक बड़े गंतव्य के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। यहां मोटर बोट चलाने के साथ सी प्लेन उतारने की योजना है। इसके अलावा प्रदेश की अन्य झीलो व नदियों में भी मोटर बोट संचालित करने की दिशा में भी कदम उठाने की बात हुई। इसमें सुरक्षा के मानकों को सुनिश्चित करने के लिए नीति बनाने की चर्चा भी चली। दूसरे राज्यों की नीतियों का अध्ययन हुआ। फौरी प्रस्ताव बनाया गया जिस पर आज तक मुहर नहीं लग पाई है।