हरिद्वार से अरविंद गोयल की रिपोर्ट।
हरिद्वार (उत्तराखंड)। हरिद्वार के राजा जी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने हाथियों सहित अन्य जंगली जानवरों को भी आबादी वाले क्षेत्रों में आने से रोकने के लिए दो टीमें बनायी। इसके साथ ही किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू टीम को भी तैयार किया गया एवं यह भी मालूम हो कि बृहस्पतिवार की रात्रि में दो जंगली हाथी शहर के अन्दर घुस गये। ये दोनों हाथी कई घंटों तक हरकीपौड़ी के घाट के साथ-साथ रेलवे ट्रैक पर भी चहल कदमी करते रहे। गनीमत यह रही कि हाथी ने किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। इस घटना के बाद पार्क प्रशासन ने हाथियों के आलावा अन्य जंगली जानवरों को भी आबादी में आने से रोकने के लिए टीम गठन करने का निर्णय लिया। राजा जी टाइगर रिजर्व पार्क के वन्य जीव प्रतिपालक श्री कोमल सिंह जी ने यह भी बताया है कि दो वन क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में दो टीमों का गठन कर दिया गया है। वन क्षेत्राधिकारी मदन सिंह रावत के नेतृत्व में एक टीम हरिद्वार शहर से लेकर मोतीचूर तक गश्त करेगी एवं दूसरी टीम वन क्षेत्राधिकारी अचल गौतम के नेतृत्व में मोतीचूर से लेकर नेपाली फार्म तक गश्त करेगी। उन्होंने यह भी बताया है कि इसके साथ ही किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू टीम को भी तमाम संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गये। वहीं आबादी वाले क्षेत्रों में घुसे हाथियों की धमाचौकड़ी को लेकर अब वन विभाग भी सर्तक हो गया है। हरिद्वार वन विभाग के रेंजर दिनेश नौटियाल ने यह भी बताया है कि आबादी वाले क्षेत्रों में जंगली जानवरों को आने से रोकने के लिए राजा जी टाइगर रिजर्व पार्क की सीमा पर अब गश्त बढ़ा दी गयी है।