रोक के बाबजूद भी जुटे हजारों तीर्थ यात्री, प्रशासन हुआ बेबस।

हरिद्वार से अरविंद गोयल की रिपोर्ट।



हरिद्वार (उत्तराखंड)। हरिद्वार में एक स्थान पर पचास से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगाई गई है। कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए सरकार ने बेशक राज्य में एक स्थान पर पचास से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी है लेकिन इसके बाबजूद प्रशासन बेबस है। हरिद्वार में मंगलवार की शाम हुई गंगा आरती में भी लगभग पांच हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने शिरकत की। ज्यादातर श्रद्धालु बगैर मास्क एवं सेनेटाइजर के पहुंचे। श्री गंगा सभा की ओर से जरूर उस स्थान को सेनेटाइज किया गया लेकिन वह नाकामी था। हरिद्वार में स्थित हरकीपौड़ी पर मां गंगा की आरती दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसके लिए दूर दूर से श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। मंगलवार को भी ऐसा नजारा दिखाई दिया। इससे पहले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्टेट टास्क फोर्स की बैठक में पचास से अधिक लोगों के एक ही स्थान पर एकत्र होने के निर्देशों का पालन होते नहीं दिखा। दिल्ली, मेरठ,एवं मुजफ्फरनगर से आये हुए श्रद्धालुओं का यह कहना था । कि वह अक्सर गंगा आरती में शामिल होने आते हैं। उन्होंने यह भी माना है कि उन्हें कोरोना के संक्रमण को देखते हुए सर्तक रहने की आवश्यकता है। देश में अनेक धार्मिक स्थलों को कोरोना के संक्रमण की आशंका को देखते हुए बंद कर दिया गया। ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ न जुटे और संक्रमण न फैले। हरकीपौड़ी का प्रबंध करने वाली धार्मिक संस्था श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने यह बताया है कि हरकीपौड़ी पर आरती बहुत लंबे समय से चली आ रही है। इसे बंद नहीं किया जा सकता। सुबह शाम हरकीपौड़ी क्षेत्र को सेनेटाइज किया जा रहा है। लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं से लगातार सेनेटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए कहा जा रहा है। इसके अलावा यात्रियों के हाथ धोने के लिए भी साबुन रखे गए। उन्होंने माना कि शाम की आरती के समय चार बजे से लेकर सात बजे तक श्रद्धालुओं का जमावड़ा होता है। लेकिन गंगा सभा के लगभग दो दर्जन कर्मचारी चारों ओर सेनेटाइजर स्प्रे करते हैं। ये श्रद्धालुओं के हाथों पर सेनेटाइजर का छिड़काव करते हैं और कर्मचारियों को भी मास्क दिये गये हैं।