नजीबाबाद। निर्भया कांड के दोषी चारो दरिंदों को आज फांसी के फंदे पर लटका दिया गया है। 16 दिसंबर 2012 को हुए निर्भया कांड जैसे जघन्य अपराध जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। सात साल बाद आज निर्भया को इंसाफ मिला है। देश की बहादुर बेटी निर्भया की जीत हुई है। नगर की महिलाओं ने दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाये जाने पर खुशी जतायी।
समाज सेवी डा0 राखी अग्रवाल ने कहा की आज निर्भया को इंसाफ मिला है। दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाये जाने से अब लोगों के मन में भय व्याप्त होगा। भविष्य मे कोई भी व्यक्ति ऐसा जघन्य अपराध करने से पहले कानून से डरेगा।
भाजपा महिला नगर अध्यक्ष तनु गोयल ने दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाये जाने पर खुशी जताई और कहा निर्भया कांड के दोषियों को फांसी की सजा हर अपराधी के लिये एक संदेश है कि एक दिन कानून आपको पकड़ लेगा।
छात्रा खान अतिया रफी ने कहा की न्याय मे देरी हुई, लेकिन आखिरकार इंसाफ मिला। गुनहगारों को सजा मिलना बेहद जरुरी था। अब उम्मीद है कि इस तरह की घटनायें और नहीं होंगी। दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाये जाने से अब लोगों के मन में भय व्याप्त होगा। भविष्य में लोग घ्यान रखेंगे की सजा की तारीख आगे बढ सकती है। मगर सजा मिलेगी जरुर। महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के लिये इसका अत्यधिक महत्व है।
उत्तर प्रदेश वैश्य महासम्मेलन की सदस्या दीपिका माहेश्वरी ने कहा की निर्भया को तो इंसाफ मिल गया है लेकिन इसके अलावा न जाने और कितनी दुष्कर्म की शिकार बेटिया न्याय के लिये भटक रही हैं। उन्होंने कहा हमें यहीं चुप नहीं बैठना है। हमें आगे लडाई जारी रखनी है।
अधिवक्ता ज्योति सिंह ने कहा की आज का दिन एक एतिहासिक दिन है। दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाये जाने से न्याय पालिका द्वारा एक उदाहरण पेश किया गया है। आज देश की हर बेटी को न्याय मिला है। अब देश की बहु बेटियाॅ अपने आप को सुरक्षित महसूस करेंगी।