लाॅकडाउन में कैसे बीत रहा दिन ? - पड़ताल

अलीगढ़ से सौरभ पाठक की रिपोर्ट।


अलीगढ़। कोरोना वायरस की महामारी से पूरा विश्व प्रभावित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 दिन का देशव्यापी लाॅकडाॅउन कर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों  से अपने-अपने राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण से बचे रहने के लिए मेडिकल इतंजाम सहित आवश्यक जीवनयापन वस्तुओं की व्यवस्था करने की अपील की है और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने जनपदों के जिलाधिकारियों को अपने- अपने जनपद में स्थिति नियंत्रित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। आइये जानते हैं कि जनपद अलीगढ़ की लाॅक डाॅउन की स्थिति।


लाॅकडाउन का असर पूरे जिले भर में देखने को मिला। बाजारों में सन्नाटा पसरा पड़ा है, लोगों की सडकों पर आवाजाही बिल्कुल नहीं  के बराबर है। घरों में रहकर सभी अपना वक्त व्यतीत कर रहे हैं। बाजार बंद पड़े हुए हैं। केवल जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार सुबह 7 बजे से 11 बजे तक दूध, किराना, फल, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पम्प, गैस सर्विस, बैंक, मीडिया के लिए ही बाजार खोले गये हैं। जनपद के मुख्य मार्गों पर पुलिस की तैनाती की गयी है । पुलिस केवल अति जरुरी कारणों पर ही जाने की इजाजत दे रही है। अनावश्यक घूम रहे लोगों से पुलिस सख्ती से पेश आ रही और डंडे से मारपीट तक की जा रही है। वहीं किसान अपनी खेती का कार्य स्वतंत्र रुप से बिना रोक टोक के कर पा रहे हैं।


नवरात्रों के दिनों में जिन मंदिरो में भीड़ का तांता लगा रहता था, वहां सन्नाटा पसरा है, लोग पूजा- अर्चना के लिए भी नहीं जा रहे हैं, घरों से ही मां भगवती का पूजा पाठ किया जा रहा है और ना ही प्रशासन द्वारा मंदिरों मे जाने की अनुमति है।


कुछ बाजारों मे ऐसे नजारे भी देखने को मिल रहे हैैं जहां सुबह बाजार खुलते ही खाद्य पदाथों की दुकानों पर ऐसी भीड़ लग जाती है जैसे की कोरोना वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग रखने की जरुरत ही नहीं है और प्रशासन द्वारा भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जनता द्वारा घरों में 15 दिन से 1 माह के राशन को इकट्ठा करने में जुटे हैं वहीं किराना की दुकानों पर रोजाना खाने की चीजों के स्टाक भी कम होने लगे हैं। मेहनतकश मजदूर वर्ग को रोजीरोटी व नकदी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और अब हालात ऐसे हो गये हैं कि जब लोगों को अपने घर पहुंचने के लिए कोई वाहन की सुविधा नहीं मिली तो लोग पैदल ही मीलों की दूरी तय करने लगे।
दिहाड़ी मजदूर और फुटपाथों पर रहने वालों के लिए तो कोरोना वायरस ने किल्लत पैदा कर दी है। दिहाड़़ी का काम मिलता नहीं और राहगीरों का आना जाना बंद है। सो भिखारियों को भीख नहीं मिल पा रही है और भूखे ही पड़े हैं। इन हालातों को समझकर इ द्वारा अनेक फुटपाथों पर रहने वालों तक भोजन की व्यवस्था की गयी है। वहीं अलीगढ की मानव उपकार सामाजिक संगठन ने प्रशासन से अनुमति लेकर अलीगढ़ शहर में अनेक स्थानों पर निराश्रितों, बेघर, खानाबदोश गरीबों को भोजन के पैकेट पहुंचाने का पुनीत कार्य किया।