हरिद्वार उत्तराखंड से शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट।
हरिद्वार। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन को आगामी 23 मार्च तक सरकारी भूमि, सड़क और पार्कों पर बने अवैध मंदिरों को हटाना है। प्रशासन ने नगर निगम, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी और वन विभाग की जमीन पर बने 93 अवैध मंदिरों को चिन्हित किया है। जानकारी के अनुसार, हर की पौड़ी नाई घाट पर एक मंदिर का 80 के दशक में सरकार से मुआवजा लेने के बाद भी बना हुआ है। शहर में नगर निगम की जमीन पर बने 68 मंदिरों की सूची डीएम को जा चुकी है। वही सिंचाई खंड हरिद्वार में मेला भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बने 25 मंदिरों व धार्मिक संरचनाओं की सूची तैयार कर डीएम को दे दी है। इनमें कुंभ 2010 के बाद बैरागी कैंप की आरक्षित कुंभ मेला भूमि पर बने 7 बड़े मंदिरों की सूची के अलावा गंगा की भूमि चंडीघाट, रोड़ी बेलवाला, अलकनंदा घाट के पास बने मंदिरों की सूची भी दी गई है। उप जिला अधिकारी कुसुम चौहान ने बताया कि जिलाधिकारी ने उनकी अध्यक्षता में एक समिति बनाई है जिसमें पुलिस उपाधीक्षक के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल है। उन्होंने सभी विभागों को बुधवार को पत्र भेजकर 3 दिन में सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। समिति उनका अवलोकन कर यह निर्णय लेगी की उनको हटाया जाना है या विनियमित किया जाना है। इसके बाद ही अवैध मंदिरों को हटाने की कार्यवाही की जाएगी।