हरिद्वार में धर्मशालाओं एवं होटलों का नहीं होने देंगे उत्पीड़न- मदन कौशिक

हरिद्वार से अरविंद गोयल की रिपोर्ट।



हरिद्वार (उत्तराखण्ड)। हरिद्वार में शहरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक जी ने यह कहा है कि होटल एवं धर्मशालाओं के खिलाफ एक तरफा कार्रवाई नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने होटल एवं धर्मशाला प्रबंधकों को पर्यावरण संबंधी मानक पूरे करने के लिए कहा। इसके साथ ही आश्वस्त किया है कि बेवजह किसी का भी उत्पीड़न नहीं होने दिया जायेगा। शनिवार को हरिद्वार क्षेत्रीय धर्मशाला प्रबंध समिति की ओर से निष्काम सेवा ट्रस्ट में आयोजित की गई। बैठक में शामिल होने आए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को प्रबंधकों ने यह बताया है कि उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एक तरफा कार्रवाई की जा रही है। धर्मशाला प्रबंधक सभा के संरक्षक अनिरुद्ध भाटी ने यह कहा है कि तीर्थ नगरी हरिद्वार में सैकड़ों आश्रम एवं धर्मशालाएँ तीर्थ यात्रियों को न्यूनतम सेवा शुल्क लेकर आश्रय उपलब्ध कराती हैं। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीवर का कनेक्शन लेने वाले आश्रम एवं धर्मशालाओं को भी एस.टी.पी.प्लांट लगाने के लिए बाध्य कर रहे हैं। आश्रम एवं धर्मशालाएँ पूर्व में ही सीवर कनेक्शन शुल्क और सीवर शुल्क अदा करती हैं। क्षेत्रीय धर्मशाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंघल और महामंत्री अवधेश कुमार ने कहा कि नोटिस देने के साथ साथ विभागीय कर्मचारी पंजीकरण न कराने की दशा में बिजली,पानी भी काटने की धमकी दे रहे हैं। पार्षद अनिल मिश्रा ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नगर में भय का वातावरण बन गया है। जिससे धर्मशाला एवं आश्रम प्रबंधक संचालन में बेहद परेशानी महसूस कर रहे हैं। वहाँ पर मौजूद महेश गौड़,श्याम सुंदर शर्मा,विनित जौली,आदि ने भी समस्याएं बतायी। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश सरकार आश्रम, धर्मशालाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी विभाग के द्वारा तीर्थ नगरी की पहचान आश्रम एवं धर्मशालाओं का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।