हरिद्वार (उत्तराखंड ) से शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट।
हरिद्वार। हरिद्वार से देहरादून जाने वाली गाड़ियों का एकमात्र रास्ता सुरंग से होकर जाता है। यह सुरंग हर की पौड़ी कांगड़ा मंदिर के पास स्थित है। सुरंग बीच में कहीं-कहीं खुली हुई है। यह सुरंग ब्रिटिश शासन काल में हिंदुस्तानी मजदूरों द्वारा बनवाई गई थी।
कहा जाता है कि यह सुरंग 18 98 मैं तैयार हो गई थी। सुरंग के मुख्य द्वार पर 18 98 अंकित है। जिससे यह पता चलता है कि यह सुरंग 1898 में बनकर तैयार हो गई थी।
ब्रिटिश शासन काल में बड़े अधिकारियों ने अपना ऑफिस पहाड़ों की रानी मसूरी में इसलिए बनाया था। क्योंकि वहां का मौसम दिन में 12 बार बदलता है और सर्दियों में बर्फ बारी भी होती है। इसी मौसम की वजह से उन्होंने अपना ऑफिस मसूरी में भी बनाया था। उनकी आवश्यकता का सामान ट्रेनों द्वारा आसानी से देहरादून तक आ सके इसीलिए उन्होंने 1898 में इस सुरंग का निर्माण कराया था।