उत्तराखंड से गंगेश कुमार की रिपोर्ट।
उत्तराखंड। ● प्रदेश में 1 वर्ष से लेकर 19 वर्ष वाले तीरालीस लाख बच्चों व युवाओं को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य
देहरादून, उत्तराखंड में 100 बच्चों पर 68 के पेट में कीड़े है। कृमि संक्रमण के कारण बच्चों के शरीर बौद्धिक विकास में रुकावट कमजोरी चिड़चिड़ापन व स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इन ज्योति स्कूल में बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 वर्ष से 19 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के पेट में कीड़े खत्म करने को एल्बेंडाजोल की दवा अवश्य लेनी चाहिए। अभिभावकों को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों को एक गोली जरूर खिलानी है।कृमी का संक्रमण से बच्चों को के स्वास्थ्य समग्र विकास पर विपरीत असर पड़ता है।जिसके गंभीर परिणाम सामने आते हैं। इसे साल प्रदेश में तीस लाख बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाई गई। इस बार 10 फरवरी तक सरकारी निजी आंगनबाड़ी केंद्रों व अन्य शिक्षण संस्थानों में तीरालीस लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया।है शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने में स्कूलों की बहुत बड़ी भूमिका रहेगी।कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी जैसी पांडे ने किया इस मौके पर उपाध्यक्ष राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य उत्तराखंड ज्ञान सिंह नेगी प्रभारी सचिव स्वास्थ्य पंकज पांडे अपर सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम युगल किशोर पंत महानिदेशक डॉ अमिता उपरेती पूर्व मुख्य सचिव रवि शंकर निदेशक तृप्ति बहुगुणा डॉक्टर अंजली नौटियाल स्कूल की प्रिंसिपल मोनिका अरोड़ा आदि मौजूद रही।