हरिद्वार से अरविंद गोयल की रिपोर्ट।
उत्तराखण्ड हरिद्वार। धर्म नगरी हरिद्वार में फाल्गुन माह लगते ही अब कांवड़ियों का धीरे धीरे आना शुरू हो गया है। शिव रात्रि तक धर्म नगरी शिवमय नजर आने लगेगी। कांवड़ियों के शुरू होते ही पंचपुरी के सभी पौराणिक शिवालयों में कांवड़ यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हमेशा की तरह इस बार भी फाल्गुन माह की कांवड़ यात्रा धीमी गति से शुरू हुई है। इस समय पूर्वी उत्तर प्रदेश से कुछ कांवड़ियों का आना शुरू हुआ। विशेष रूप से हरदोई एवं बरेली क्षेत्र के कांवड़िये दिखाई दिए। दूर जाने वाले कांवड़िये अपनी यात्रा शिव रात्रि से काफी पहले शुरू कर देते हैं। हरिद्वार के बाजारों में कांवड़ की रोनक दिखाई देने लगी है। संयोग की बात तो यह है कि कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार कोई पंचक नहीं पड़ रहे हैं। पंचक लगने से कांवड़ यात्रा पांच दिनों के लिए बाधित हो जाती है। इस बार पंचकों के न होने के कारण यात्रा पर कोई विराम नहीं लगेगा। हमेशा की तरह इस बार भी कनखल का दक्ष मंदिर आकर्षण का मुख्य केन्द्र बना रहेगा। इसके अलावा बिल्वकेश्वर मंदिर, दुख भंजन एवं दरिद्र भंजन मंदिरों में विशेष पूजा के आयोजन किए जाएंगे। नीलेश्वर, गौरी शंकर एवं तिलभांडेश्वर मंदिरों में शिव रात्रि पर मेला लगेगा।