हरिद्वार उत्तराखंड से शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट।
हरिद्वार। अविरल और निर्मल गंगा के लिए मातृ सदन में आमरण अनशन पर बैठी साध्वी पद्मावती और ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का मेडिकल परीक्षण करने जिला अस्पताल से पहुंची डॉक्टरों की टीम को बैरंग लौटा दिया गया। दोनों संतों का कहना है कि वे जिले के किसी भी डॉक्टर से मेडिकल परीक्षण नहीं कराएंगे। वहीं आश्रम के ब्रह्मचारी दयानंद ने प्रमुख सचिव और गृह सचिव को पत्र भेजकर कहां है कि अगर प्रशासन संतों का मेडिकल परीक्षण करना ही चाहता है तो बाहर से डॉक्टर बुलाए। मातृ सदन में साध्वी पद्मावती और ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का आमरण अनशन रविवार को भी जारी रहा। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद ने कहा की साध्वी पद्मावती को जबरन उठाकर देहरादून ले जाया गया। इससे प्रशासन की ओर से मातृ सदन के खिलाफ रची जा रही साजिशों का खुलासा हो गया है। एक ओर तो गंगा रक्षा के लिए तप कर रहे संतों का उत्पीड़न किया जा रहा है। तो दूसरी और लक्सर क्षेत्र में तालाब की आड़ मे अवैध खनन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मातृ सदन अवैध खनन के मुद्दे पर भी हर संभव संघर्ष करेगा। गंगा को बचाने के लिए कोई भी बलिदान देने से पीछे नहीं हटेंगे ।
मेडिकल जांच के लिए पहुंची टीम को लौटाया।