घाटों के निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर तोड़ा 30 मीटर लंबा घाट।



हरिद्वार से अरविंद गोयल की रिपोर्ट।                         


उत्तराखण्ड हरिद्वार। हरिद्वार में महाकुंभ मेला 2021 के तहत श्यामपुर गाँव में घाट का निर्माण किया जा रहा था। महाकुंभ मेले के कार्यों में गुणवत्ता का पालन न करने पर सिंचाई विभाग के तीन इंजीनियरों पर गाज गिरने के बाद भी काम में कोई भी सुधार नहीं हो रहा है। महाकुंभ मेला कार्यों में गुणवत्ता में लगातार अनियमितताएं पाई जा रही हैंं । श्यामपुर गाँव में गंगा किनारे घाट के निर्माण में मानकों का अनुपालन न होने पर, सिंचाई विभाग के महाकुंभ मेले की टेक्निकल टीम ने तोड़वा दिया। अब यह घाट दोबारा बनाया जाएगा। वहीं महाकुंभ मेला अधिकारी ने तकनीकी सेल के अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन कार्यों की जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। पिछले वर्ष दीपावली के समय गंगा बंदी के दौरान कई घाटों का निर्माण शुरू किया गया था। यू.पी.सिंचाई विभाग की ओर से अचानक पानी छोड़ने से कई घाट बह गए थे। इसके अलावा गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। महाकुंभ मेला अधिकारी श्री दीपक रावत जी ने पिछले दिनों तकनीकी सेल के माध्यम से निर्माण कार्यों की जांच कराई एवं गुणवत्ता के मानक पूरे नहीं पाए गए। महाकुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत जी ने निर्माणाधीन कार्यों की जांच कराने के आदेश दिए। बुधवार को श्यामपुर कांगड़ी गाँव के पास बनाए जा रहे करीब 30 मीटर लंबे घाट की तकनीकी समिति ने जांच की। जांच में पाया गया है कि उसका निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। बताया जाता है कि इस घाट पर अब तक लगभग सात लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। बुधवार को जे.सी.बी.मंगाकर इस घाट को तोड़वा दिया गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को घाट का दोबारा निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। निर्माण कार्यों के प्रभारी अपर मेला अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्रा ने घाट तोड़ने की पुष्टि की।मुख्यमंत्री की कुंभ मेला समीक्षा बैठक के बाद मेला प्रशासन कुंभ की तैयारियों में तेजी से जुट गया है। खास बात यह भी है कि इस बार का कुंभ दोगुने क्षेत्र में होगा। इसके लिए पर्याप्त भूमि की व्यवस्था की जा रही है। मेला आयोजन के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि में से कुछ भूमि रिजर्व में रखी जाएगी। ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके।