हरिद्वार उत्तराखंड से शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट।
हरिद्वार रुड़की। आईआईटी में आज बुधवार 26 फरवरी से 28 फरवरी तक वाटर कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। इसमें जलवायु परिवर्तन पर मंथन को कई देशों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। वह रिसर्च पेपर प्रस्तुत करेंगे। 29 फरवरी से 1 मार्च तक नमामि गंगे की ओर से एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। आयोजन आईआईटी और एन आई एच के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है। कान्क्लेव का उद्घाटन जल शक्ति मंत्रालय, नई दिल्ली के सचिव उपेंद्र प्रसाद सिंह करेंगे। आईआईटी के निदेशक प्रोफेसर एके चतुर्वेदी ने बताया कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन से जल संसाधनों पर पड़ने वाला दुष्प्रभाव समूची दुनिया के लिए चिंता का विषय है। इससे निपटने की चुनौती पूरे संसार के लिए विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था मुख्य कृषि पर निर्भर है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का सबसे ज्यादा विकासशील देशों पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि कॉन्क्लेव मैं अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, स्पेन, जापान, नीदरलैंड, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, इटली आदि देशों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों को साफ सफाई के प्रति प्रेरित किया जाएगा।