सीएचसी हर्रैया में साफ-सफाई व अव्यवस्था पर भड़के प्रमुख सचिव

प्रमुख सचिव गन्ना एवं चीनी उद्योग और बस्ती जिले के नोडल अधिकारी संजय भूसरेड्डी शुक्रवार शाम बस्ती पहुंचे और सीएचसी हर्रैया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की कमी और अव्यवस्था पाए जाने पर कड़ी नारजगी जताई। उन्होंने महिला चिकित्सक के अनुपस्थिति पर कराए जाने वाले प्रसव को लेकर सवाल उठाया।


नोडल अधिकारी भूसरेड्डी शुक्रवार की शाम 7.15 बजे सीएचसी हर्रैया पहुंचे। सीधे बालरोग विशेषज्ञ डा. एमके चौधरी बच्चों के बीमारियों के बारे में फीडबैक लिया। आयरन की दवा के उपलब्धता पर सवाल किया तो पता चला कि दो माह बाद एक दिन पहले दवा मिली है। सीएचसी के शौचालय में गंदगी पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। अस्पताल कर्मियों ने बताया कि सफाई के लिए तैनात ठेकेदार के कर्मी नहीं आते हैं। इस पर प्रमुख सचिव ने सीएमओ को निर्देश दिया कि ठेकेदार का अनुबंध रद्द करते हुए भुगतान रोक दें।


ड्रेसिंग रूम की व्यवस्था देखने के बाद प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया। महिला शौचालय की गंदगी पर फिर से नाराजगी जताया। दवा वितरण कक्ष, दंत कक्ष आदि को देखा। दंत कक्ष में लगी मशीन के काम न करने की जानकारी उन्होंने कार्रवाई के बारे में पूछा। रैबीज इंजेक्शन की जानकारी ली और फ्रीज के पीछे काफी अधिक गंदगी पाए जाने पर चीफ फार्मासिस्ट को जमकर फटकार लगाया।


प्रसव कक्ष में स्टाफ नर्स से संख्या पूछा तो बताया कि औसतन एक दर्जन संस्थागत प्रसव होते हैं। तैनात डा. सीमा शर्मा की ड्यूटी दिन में आठ बजे से दो बजे तक रहती है। उसके बाद कैसे प्रसव कराया जाता है के सवाल पर एक बारगी सभी ने चुप्पी साध ली। लेकिन बाद में अधीक्षक डा. आरके सिंह कहा कि पास के गांव में डाक्टर का आवास है। जहां से फोन करके बुला लिया जाता है। उसके बाद जेई/एईएस वार्ड का निरीक्षण कर विकास खंड का निरीक्षण करने चले गए। जहां पर सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान डीएम आशुतोष निरंजन, सीडीओ अरविन्द कुमार पांडेय, एडीएम रमेशचंद्र, एसडीएम हर्रैया आशाराम वर्मा आदि मौजूद रहे।